Showing posts with label अमृत मिटटी. Show all posts
Showing posts with label अमृत मिटटी. Show all posts

अमृत जल अमृत मिटटी (amrit jal amrit mitti)

अमृत जल , अमृत मिटटी (amrit jal amrit mitti) बनाने की विधि 

अमृत मिटटी

सामग्री 
  1. गोबर १ किलो (1 kg)
  2. गोमूत्र १ लीटर (1 ltr.)
  3. ५० ग्राम गुड़  (50 grm)
     इन तीनो को किसी बर्तन में अच्छे से मिलाएं ( हाथ से ) जब तक गुड़ घुल न जाये । 
ऐसा कहा जाता हे की अगर आप अपने हाथ से इसे बनाते हैं तो जो microns हाथ में होते हैं उनका भी उनमे प्रवेश हो जाता है इस लिए ये जो घोल बनेगा वो बहुत ही rich बनेगा ( ये एक बैक्टीरिअल घोल है )

अब इस घोल को १० लीटर पानी में मिलाना हे और इस पानी को बारह बार क्लॉक और एंटीक्लोक वाइस घुमाना हे 
अब इस मिश्रण को ढक कर  तीन से चार दिन के लिए छोड़ दें । इस मिश्रण को दिन में दो बार क्लॉक और एंटीक्लोक वाइस बारह दफा घूमाना हे 
चौथे दिन इस घोल को १०० लीटर पानी में मिलाना हैं 
इस अमृत जल को हफ्ते में एक बार अपने पोधो में देना हैं । मात्रा २०० से ३०० मिलीलीटर । 

अमृत जल की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए हफ्ते में एक बार १०० ग्राम गोबर एक लीटर पानी में मिलकर इसमें मिक्स करना हैं | 

इस से पानी के microbial गुणवत्ता बनी रहेगी | 

अमृत मिटटी 

अमृत मिटटी बनाने की विधि 
अमृत जल में सूखे पत्ते ज्यादा से ज्यादा किस्म के ( हरे , पीले , भूरे , काले सभी किस्म के ) डाले फिर इसे २४ घंटो के लिए छाव  में रख दें । 
चार चार ईंटो की सहायता से अपने हीप की बाउंड्री बना लें 
सबसे निचली लेयर पतों की बनाये अगली लेयर मिटटी की बनाये फिर इन लयेर को पैरो की सहायता से बराबर करना हैं ताकि जरुरत से ज्यादा हवा निकल जाये इस विधि को बार - बार करना हैं जब तक एक फूट ना हो जाये ।
एक फूट लयेर होने के बाद इसे गन्ने के हस्क से जोकि जूस निकलने के बाद बचता हैं से ढाकना हैं नहीं तो सुखी घास से ढक कर २ से ३ दिन छोड़ दें नमी देखते रहें अमृत जल से नमी बरकरार रखें ।
एक हफ्ते बाद पूरा मिश्रण हाथ से पलटना हैं टिल्ट करना है (घास /गन्ने के हस्क को हटा कर )

ये परिक्रिया ३० दिन और ठण्ड में ४५ दिन तक करनी हैं

आपकी अमृत मिटटी तयार हैं अगले १५ सालो के लिए।
अब आप इस में बीज या अपने पौधे बो सकते हैं।